विशेष

अख़बारों कीनज़र में 
( समाचार पत्रों ने इस तरह से प्रचारित किया है शहर में मेरी कार्य को )
गाजियाबाद में कलाओं के विकास के लिए श्री संतोष कुमार यादव जिलाधिकार के साथ कलाधाम और शिल्प पार्क का निर्माण का संकल्प ; जिसमें यह मूर्तियां स्थापित की गयी हैं 
यह मूर्ति मैंने स्वयं बनायी है जबकि मूर्तिकला कार्यशाला का आयोजन प्रशासन के साथ मिलकर मैंने किया है जो शहर के बिभिन्न हिस्सों में नज़र आने लगी हैं



स्टूडियो :
मैं अपने गाँव में एक स्टूडियो बनाने में लगभग पिछले एक वर्ष से लगा हुआ था। यद्यपि यह सुनकर बहुत ही अनहोनी सी बात लगती है "गाँव में स्टूडियो" पर मैंने इसे जरा गौर से समझा और मुझे लगा की इसी माटी से निकलकर मैं जो कुछ  कर पा रहा हूँ वह सब यहीं तो देखा हूँ।
जब गाँव की बात आती है तो हम अनमने से हो जाते हैं और गाँव को पिछड़ा होने की बात करते हैं, आखिर इनकी शकल कैसे बदलेगी - मैंने यही सोचा और अपना स्टूडियो गाँव में जा कर बनाया।
सामग्री का संकट:
बिशुन पुर , लाला बाज़ार (मसीदा), जौनपुर, उत्तर प्रदेश
जब गाँव की बात आती है तो सामग्री का संकट खड़ा हो जाता है कायदे के कागज भी वहां नहीं मिलते कैनवास और रंग की बात तो जाने दीजिये .
फिर भी मैंने संकल्प लिया है की यह सब भले ही शहर से लाना पड़े पर काम तो यहाँ करना पड़ेगा।
(मेरा घर )
वाराणसी(24-01-2014)।
‘बेटी ही बचाएगी’ मुहिम के तहत पेंटिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को माधुरी दीक्षित ने पुरस्कृत किया इस अवसर पर प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ.लाल रत्नाकर मौजूद रहे। 

रामजी यादव की कहानी के साथ मेरे कुछ चित्र -
http://raviwar.com/footfive/f67_ramji-yadav-story-antim-iksha.shtml
'कलाधाम';
कला के विकास के लिए किये गए कार्यों में महत्वपूर्ण है 'कलाधाम' का निर्माण। यह कार्य जिलाधिकारी के रूप में श्री संतोष कुमार यादव के साथ आरम्भ करके आज जिस मुकाम पर आया है जिसका लिंक यह है -
http://www.kaladhamgzb.blogspot.in/

 'कलाधाम' में बने कुछ मूर्तियाँ यहाँ पर संलग्न कर रहा हूँ -














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